अमेरिका में रिसेप्शनिस्ट का कार्य करने वाली 41 वर्षीय अमेरिकी महिला
एड्रियाना पैरल का अपने से 16 वर्ष छोटे भारतीय युवक से फेसबुक पर रोमांस
ऐसा रंग लाया की वह कुछ महीनों में ही भारत आ पहुंची और हरियाणा निवासी
मुकेश कुमार के साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंध गयी।
बचपन से अमेरिकन लाइफस्टाइल में रहने वाली यह महिला सब कुछ छोड़ भारत के एक
छोटे से गांव में अपने पति मुकेश के साथ सुखी वैवाहिक जीवन का आनंद ले रही
हैं।
एड्रियाना एक ग्रामीण गृहिणी की तरह मुकेश के घर के सभी कार्यो को कर रही
है जैसे घर की सफाई, खाना बनाना और फार्म हाउस की देखरेख आदि।
एड्रियाना अमेरिका में अपनी 25 वर्षीय एक बेटी को भी छोड़कर आयी है।
एड्रियाना का कहना है कि वह मुकेश के साथ अपने अपने वैवाहिक जीवन से बहुत
खुश है और किसी भी कीमत पर इसे नही छोड़ सकती।
लेकिन एड्रियाना का परिवार उसके इस कदम से सदमे में है। एड्रियाना ने बताया
कि कुछ लोग समझते थे कि मुकेश कोई झूठा आदमी होगा जो बस मेरे साथ फेसबुक
पर टाइम पास करता है लेकिन जब मैं इंडिया पहुंची तो इंदिरा गांधी एयरपोर्ट
पर मुकेश को देखकर मुझे बहुत राहत मिली।
एड्रियाना का नया घर हरियाणा के पोपरन गांव का एक मामूली सा फार्म हाउस है।
शहर से इस गांव से पहुंचने में गाड़ी से 30 मिनट का समय लगता है।
एड्रियाना ने बताया की जब वह हवाई जहाज से उतरी तो यहां का संस्कृति देख
सदमे में थी। उसने देखा की महिलायें घरों में रहती हैं। पहली बार मुझे लगा
की यह वास्तविक संघर्ष है लेकिन जल्द ही मैंने यह भी महसूस किया कि सुखी
जीवन के लिए जरूरी नही की सारी सुख सुविधायें हों। एड्रियाना कहती हैं कि
गरीब स्थानीय लोगों में मेरी गिनती होना मेरे लिए काफी बड़ी चुनौती थी।
एड्रियाना अब भारतीय रहन-सहन और भारतीय पहनावा ही पहनती है, वो कहती है कि
यहां गांव में विदेशी लोग नहीं दिखते हैं इसलिए में जब भी कहीं जाती हूं तो
मुझे देखने वालों की भीड़ लग जाती है। मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं कोई
सेलीब्रिटी हूं लेकिन अब मुझे इसकी आदत पड़ चुकी है।
मुकेश अब एड्रियाना से अंग्रेजी भाषा सीख रहा है उसने टूटी फूटी अंग्रेजी
में कहा एड्रियाना इज ए गुड वाइफ। वह घर के सभी कार्य करती है और जब मां
मेरे लिए खाना बनाती है तो उनसे कहती है यह मैं करूंगी यह मेरा काम है। मैं
अपने सच्चे प्यार को पाकर बहुत खुश हूं।
यह विवाहित जोड़ा आगे अपना परिवार भी बढ़ाना चाहता है। एड्रियाना कहती हैं
कि अगर यहां भी अमेरिका जैसा खाना और सुख-सुविधाये मिल जाये तो बहुत अच्छा
हो। वो अपने परिवार के साथ एक बार अमेरिका जाने की इच्छा भी रखती है।
एड्रियाना कहती है कि मुझे भारत के लोग बहुत अच्छे लगे मुझे यह अपना दूसरा
घर लगता है।