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Monday, 28 July 2014

Humpty and Dumpty Were separated

अंग्रेजी की विश्वविख्यात कविता हम्प्टी-डम्प्टी सैट ऑन ए वॉल के अमर पात्र हम्प्टी-डम्प्टी अब कम से कम एक महीने के लिए बिछड़ गए हैं। दरअसल ओरेगन प्रांत में प्रसिद्ध रचनाओं व दंत कथाओं पर आधारित एक थीम पार्क है। दो पर्यटक इसमें मौजूद हम्प्टी-डम्प्टी की मूर्तियों को कैमरे में कैद करने के लिए पार्क की दीवार पर कूदकर चढ़ गए। लेकिन, बालू और कंक्त्रीट की बनी करीब चालीस साल पुरानी दीवार बोझ सह न सकी और भरभराकर ढह गई। इसके चलते दीवार से सटकर खड़ी हम्प्टी-डम्प्टी में से हम्प्टी की प्रतिमा भी टूटकर बिखर गई। बहरहाल, हम्प्टी की नई प्रतिमा बनाने में कम से कम एक माह लगेगा और तब तक दुनिया के सभी बच्चों को याद कविता हम्प्टी-डम्प्टी सिट ऑन ए वॉल के काल्पनिक ही सही, मगर अमर पात्र डम्प्टी को रहना होगा हम्प्टी के बगैर। 

Source: Hindi News

Tuesday, 8 July 2014

For sale a entire village in the italian alps

ऑनलाइन खरीदारी के इस जमाने में लोग कुछ भी बेचने से नहीं चूक रहे हैं। यहां के एक पर्वतीय क्षेत्र के कई निवासियों ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ईबे पर अपने छोटे से गांव को बेचने की पेशकश की है। 

क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि यह क्षेत्र निवेशकों की पहुंच से दूर रहा है, जिसके चलते इस खूबसूरत वादी तक सुविधाएं और पर्यटक नहीं पहुंचते हैं। इस गांव की कीमत 2.5 करोड़ रुपये के करीब रखी गई है। साथ ही खरीदने वालों के लिए यह शर्त रखी गई है कि खरीदने के बाद वह इस क्षेत्र की परंपरा को बनाए रखें, जो यहां की पहचान है। 

लोगों को पूरी उम्मीद है कि अपने आप में इटली के इतिहास के कई पन्नों के समेटे होने के कारण यह क्षेत्र पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ, यहां रहने वालों के लिए भी रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा।

Source: Hindi News

Friday, 4 July 2014

Chinese pet dog is a smoking addict

चीन में एक धूमपान की लत के शिकार आदमी का पालतू कुत्ता भी उसी के नक्शेकदम पर चलने लगा है। कुत्ते को भी नशे की ऐसी लत लग गई है कि सोने से पहले वह एक सिगरेट जरूर पीता है।

कुत्ते का नाम मीया है। इसके मालिक लियू ने बताया कि पिछले साल पालतू बनाए जाने के बाद धीरे-धीरे कुत्ते को नशे की लत लग गई। वह हमेशा अपने मालिक के साथ रहता था। उसके सिगरेट के धुंए का आनंद लेता था। मीया को खासतौर पर युक्सी सिगरेट पसंद है। उसके मालिक की पसंदीदा सिगरेट ब्रांड यही है। हालांकि अब लियू अपने कुत्ते के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। वह चाहता है कि उसके कुत्ते की यह आदत जल्द से जल्द छूट जाए। 

Source: Hindi News

Wednesday, 2 July 2014

Man wore pasta strainer in gun license photograph

पुलिस और गुस्साई भीड़ से हर कोई बचना चाहता है खासकर ऑस्ट्रेलियन और अमेरिकन पुलिस से तो शायद पूरी दुनिया डरती होगी, कब क्या बहाना निकालकर पुलिस स्टेशन के चक्कर लगवा दें पता नहीं। यहां तक भी ठीक होता अगर आप वहां से सही सलामत निकल आएं। पर अमूमन होता यह है कि एक बार इनके हत्थे चढ़ने के बाद लोग अपनी खैर मनाते ही रह जाते हैं। जो इनसे लड़कर निकल आए, उसपर भी अपनी बात मनवाकर निकले वह किसी सिकंदर से कम नहीं, ऐसा हमारा कोई अनुभव नहीं लेकिन फिल्मों में ऐसा देखा है। खैर फिल्मों को छोडि़ए, हम आपको रियल लाइफ सिकंदर की एक ऐसी कहानी बता रहे हैं जिसकी हिम्मत आपको गुदगुदाएगी तो सही पर साथ में हैरान भी कर देगी।

गर्मियों में सूर्य देवता के प्रकोप से बचने के लिए एक अदद कैप जरूरत भी है और यह किसी का शौक भी हो सकता है। पर रसोईघर में प्रयोग होने वाली लोहे की छलनी का कैप पहनकर घूमना तो दूर आप फोटो भी नहीं खिंचवाना चाहेंगे (कृपया फन के मोमेंट्स इससे बाहर रखें)। उसपर भी अगर बात आईडी प्रूफ या किसी ऐसे डॉक्यूमेंट की हो जिसपर एक बार दी हुई फोटो पूरी उम्र साथ रहने वाली हो, फिर तो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ भी आप बड़ी तैयारियों के साथ खिंचवाते हैं। लेकिन इस ऑस्ट्रेलियन मैन के अपने गन लाइसेंस के लिए खिंचवाए फोटो ने ऑस्ट्रेलिया पुलिस समेत सबको हैरत में डाल दिया।

एडिलेड शहर, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले 30 वर्षीय गाय अल्बन ने बंदूक के लाइसेंस के लिए सिर पर पास्ता निचोड़ने वाली छलनी को कैप की तरह रखकर फोटो खिंचवाई. ऑस्ट्रेलियन पुलिस के पास जब यह अप्रूव होने के लिए गया तो लाइसेंस की तस्वीर देख वह हैरत में पड़ गई। अल्बन को बुलाकर उससे इस तरह की तस्वीर देने का कारण पूछा गया..और अल्बन का जवाब वाकई में लाजवाब था।

चर्च ऑफ फ्लाइंग स्पैगेटी मॉनस्टर का हवाला देते हुए अल्बन ने उसे अपने धर्म के लिए सिर पर पहनना जरूरी बताया। जब भी धर्म की बात आती है कोई कुछ नहीं कह सकता..तो ऑस्ट्रेलियन पुलिस भी इसपर कोई सवाल नहीं उठा सकती थी, इस तरह जिस ऑस्ट्रेलियन पुलिस के सामने बड़े रुतबे वाले लोग भी हैरान-परेशान होते हैं उस पुलिस को बड़ी आसानी से अल्बन ने उन्हें चुप करा दिया और इसी तस्वीर के साथ उसकी गन-लाइसेंस अप्रूव हुई। बाद में अल्बन ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस में भी ऐसी ही फोटो लगाई और उसने यह भी माना कि वह थोड़ा फन करना चाहता था।

Wednesday, 18 June 2014

Woman Reunited With Missing Book After 66 Years

कहते हैं कि अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे चाहने वाले से मिलाने में जुट जाती है। यह बात तब सच साबित होती हुई दिखी, जब यहां की निवासी 80 वर्षीय महिला को उसके पिता से मिला उपहार खोने के 66 साल बाद वापस मिल गया। हुआ यूं कि जब वह 11 साल की थीं तब उसके पिता ने उपहार में एक किताब दी थी, साथ ही उस पर बेटी के नाम एक प्यार भरा संदेश भी लिखा।

लेकिन घर बदल जाने के चलते किताब बीच में कहीं खो गई। वर्षो बाद महिला ने एक दिन इस किताब के बारे में रेडियो में सुना और अपनी बेटी से किताब की प्रति तलाशने को कहा। बेटी ने भी मां का किताब के प्रति लगाव देखते हुए, पूरे जोर-शोर से तलाश शुरू कर दी। आखिरकार किताब एक दुकान पर मिल गई। लेकिन इसमें सबसे हैरत की बात यह थी कि यह वही किताब थी जो खो गई थी। 66 साल बाद पिता का आशीर्वाद वापस पाकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था।

Source:  Hindi News

Tuesday, 17 June 2014

The desire for adventure made​con

नौकरी से सेवानिवृत होने के बाद बोझिल-सी लगने वाली जिंदगी को तरोताजा रखने और खुद को व्यस्त रखने के लिए हर व्यक्ति नए तरीके खोजता रहता है, लेकिन यहां 70 वर्षीय एक दंपति ने रिटायरमेंट के बाद जीवन में रोमांच भरने के लिए चोरी करना शुरू किया। 

वह भी किसी बैंक या घर में नहीं बल्कि चर्च में। उन्होंने यह काम लगभग एक वर्ष तक किया और धन इकट्ठा किया। इस काम को अंजाम भी बेहद चालाकी से दिया गया, जिसमें महिला चोरी करती और उसका पति चर्च के बाहर खड़े होकर निगरानी करता था। 

अधिक आयु के चलते किसी को इन पर शक भी नहीं हुआ। लेकिन हाल ही में दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए और उनके इस रोमांच का अंत हो गया।

Source: Hindi News

Friday, 6 June 2014

Children mischief become trouble

यूं तो प्रतिभाशाली बच्चे पर हर माता-पिता को गर्व होता है। लेकिन यहां एक चार वर्षीय बच्चे ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पिता को परेशानी में डाल दिया। हुआ यूं कि एक चीनी परिवार अपने बच्चे के साथ छुट्टियां बिताने दक्षिण कोरिया आया है। 

दिन भर घूमने के बाद जब एक दिन परिजन शाम को आराम फरमा रहे थे तो बच्चे को एक पेन और मेज पर पिता का रखा हुआ पासपोर्ट मिल गया। बस फिर क्या था, बच्चे ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए पासपोर्ट पर चित्र बनाने शुरु कर दिए। पिता की फोटो पर तो खास तौर से कलाकारी दिखाई। 

थोड़ी देर बाद जब पिता ने बच्चे की हरकत देखी तो पासपोर्ट का हाल देख अपना माथा पीट लिया। अब उनकी बाकी बची छुट्टियां चीनी दूतावास के चक्कर लगाते बीत रही हैं। 

Source: Hindi News

Thursday, 20 March 2014

Cars Could Race on Walls

Cars Could Race on Walls
अब वह दिन दूर नहीं जब दीवारों पर रेसिंग कारों को दौड़ाने का ख्वाब साकार हो सकता है। एक नए शोध में पाया गया कि एक सही टै्रक डिजाइन के साथ धरातल से 90 डिग्री के कोण पर रेसिंग कार चलाई जा सकती है।स्टंट रेसिंग करने वाले यह जानकर जरूर चकित होंगे कि वे अपनी कारों से खड़ी दीवारों पर ड्राइव कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर में भौतिक विज्ञान के छात्रों ने पाया कि वास्तव में ये संभव हो सकता है। हालांकि यह केवल एक बेहद खास रेसिंग टै्रक और एक बहुत अच्छी डिजाइन की गई कार के साथ ही काम करेगा। चार शोधकर्ताओं के समूह ने एक रेसिंग कार बनाई है जो 241 किमी प्रति घंटा की गति से दीवारों से चिपककर एक पूरे सर्कुलर स्पीडवे टै्रक पर 90 डिग्री के कोण पर चलने में सक्षम होगी। हालांकि शोधकर्ताओं का निष्कर्ष ये भी है कि वर्टिकल रेसिंग के कभी हकीकत बनने की संभावना नहीं है।..

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Tuesday, 11 March 2014

New software can spot lies

अब झूठ बोलने वालों की खैर नहीं। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी कृत्रिम खुफिया प्रणाली विकसित की है जो लिखित या मौखिक गवाही के दौरान झूठ को सटीकता से पकड़ लेगी। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह सॉफ्टवेयर पुस्तकों की नकली ऑनलाइन समीक्षा की भी पहचान कर लेगा।

ब्रिटेन के कोलचेस्टर में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स के भाषाविद् मैसिमो पोएसियो और इटली के ट्रेंटो में स्थितसेंटर फॉर माइंड/ब्रेन साइंस के थोमासो फार्नसिएरी ने इस प्रणाली को विकसित किया है। प्रणाली को स्टाइलोमेट्री तकनीक की मदद से विकसित किया गया है जो इस बात की गणना करता है कि कोई खास शब्द किसी पैराग्राफ में कितनी बार आया है। न्यू साइंटिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक उपलब्ध तकनीक से इस बात का पता लगाया जाता है कि किसी खास टुकड़े को किसने लिखा है, लेकिन यह सॉफ्टवेयर पता लगाएगा कि इसमें लिखी गई चीजें सच हैं या झूठ।

सॉफ्टवेयर झूठ को सटीकता से पकड़ लेता है यह सुनिश्चित करने के लिए मैसिमो और थोमासो ने इसमें इटली कीअदालत में दिए गए उन गवाहों के बयानों को फीड किया, जिसके बारे में माना जाता है कि उन्होंने झूठी गवाही दी। शोधकर्ताओं ने कहा कि बचाव पक्ष या गवाह झूठ बोल रहे हैं, सॉफ्टवेयर ने इसके संकेत 75 प्रतिशत बिल्कुल सटीक दिए।

Source: Hindi News

Woman ‘marries’ dog: ‘I couldn’t think of anything more I’d need from a life partner

आम तौर पर शादी के लिए ऐसे हमसफर की तलाश होती है जो आपसे प्यार करे और आपकी परवाह करे। ब्रिटेन में एक तलाकशुदा महिला को यह सारी खूबियां अपनी कुतिया में नजर आईं और उन्होंने उसके साथ शादी रचा डाली। पढ़ने में यह अटपटा लग सकता है, लेकिन यह सच है।

दक्षिण लंदन निवासी 47 वर्षीय अमांडा रोजर्स ने अपनी पालतू कुतिया शेबा के साथ पूरे रीति रिवाज के साथ विवाह किया है। उनका मानना है कि शेबा में वह सभी गुण हैं जो उन्हें अपने जीवनसाथी में चाहिए थे। यह शादी 200 लोगों की मौजूदगी में क्त्रोएशिया के स्पि्लट शहर में अगस्त, 2012 में हुई थी। रोजर्स ने कहा, शेबा मेरी जिंदगी में कई वर्षो से है। वह मुझे हंसाती है और जब मैं दुखी होती हूं तो मुझे दिलासा देती है। अपने ंजीवनसाथी से मुझे इससे ज्यादा और कुछ नहीं चाहिए। रोजर्स की पहली शादी 20 साल पहले हुई थी, लेकिन कुछ महीनों बाद यह रिश्ता टूट गया था। उन्होंने बताया कि मैंने घुटने के बल बैठकर शेबा को शादी का प्रस्ताव दिया और उसने पूंछ हिलाकर अपनी स्वीकृति दी। जब मैं छोटी थी तभी से चाहती थी कि मेरी शादी की पोशाक सबसे सुंदर हो। इसलिए इसे मैंने खुद डिजायन किया। वह मेरी जिंदगी का यादगार दिन था।

Source: Hindi News

Monday, 10 March 2014

Man gets whistle removed from body after 15 years

चीन में लीयू युगांग नाम के व्यक्ति ने नौ वर्ष की उम्र में प्लास्टिक की सीटी निगल ली थी और इसके करीब 15 वर्ष बाद डॉक्टरों ने उसके शरीर से यह सीटी निकाली। सीटी निगलने के कारण वह 15 वर्षो तक सोने के दौरान सीटी जैसी ही तीखी आवाज निकालता था।

इस सप्ताह के प्रारंभ में सिचुआन प्रांत में चेंगदु के अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब आधे घंटे की सर्जरी के बाद युगांग के शरीर से सीटी निकाल दी। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने 1999 में सीटी निगल ली थी, लेकिन डॉक्टरों को उसके शरीर में सीटी नहीं मिली थी। उसे पिछले 15 वर्षो से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस दौरान उसे लगातार खांसी भी रहती थी। वेस्ट चाइना हॉस्पिटल के डॉक्टर झू हुई को पिछले महीने युगांग की जांच में उसके शरीर में किसी वस्तु के होने के बारे में पता चला। वह अब सामान्य तरीके से बोल सकता है और खाना खा सकता है। उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Source: Hindi News

Thursday, 6 March 2014

Worlds oldest women celebrate her 116 birthday

दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला का दर्जा हासिल कर चुकी जापान की मिसाओ ओकावा ने मंगलवार को अपना 116वां जन्मदिन यहां के एक कुरेनाई नर्सिंगहोम में मनाया। इस अवसर पर उन्हें उनके रिश्तेदारों ने उपहार में फूल और उनकी पसंदीदा मछली मैकरल शूशी की डिश भी दी। 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष ओकावा का नाम दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला के रूप में गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। साल 1898 में जन्मी ओकावा को कभी भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें नहीं हुई। जापान में सबसे ज्यादा उम्र के लोग जीवित रहते है।

Source: Hindi News

Wednesday, 5 March 2014

Birds are also divorce!

इसमें किसी को संशय नहीं कि इंसानी जिंदगी में तलाक का सीधा मतलब दांपत्य जीवन में भूचाल ही होता है। पारिवारिक विघटन की ऐसी दर्दनाक दास्तान पक्षियों की कुछ प्रजातियों को भी झेलनी पड़ती है। जोड़ीदार से झगड़ा हो जाए या फिर दूसरा साथी ज्यादा सुंदर मिल जाए तो पक्षी तलाक देने में भी देरी नहीं करते। कुछ पक्षी कई से रिश्ते बनाने के शौकीन होते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में वाइल्ड लाइफ विभाग के प्रो. एचएसए याहया ने दशकों के शोध से कई नायाब चीजें पुस्तक में संजोई हैं।

एएमयू के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के प्रो. एचएसए याहया बीते 40 साल से पक्षियों पर शोध कार्य में लगे हुए हैं। खासकर वारबेट प्रजाति के पक्षी, खरमोर, नरकोंडम हॉर्न बिल व सफेद पंख वाली बतख पर। शोध के सिलसिले में स्कॉटलैंड, कैलिफोर्निया और सऊदी अरब तक जा चुके हैं। इसी हफ्ते उर्दू में लिखित पुस्तक गर्द-ओ-पेश में उन्होंने इसका पूरा उल्लेख किया है। यह उनकी 11वीं पुस्तक है। सारस और आस्ट्रिया का पहाड़ी कौवा (रैबीन) एक ही जीवनसाथी के साथ पूरी उम्र काट देते हैं। नर हो या मादा, कोई अपनी जिंदगी में दूसरे को नहीं आने देता। दुखद है कि कम होते जंगलों और बढ़ते प्रदूषण से इनकी संख्या लगातार घट रही है।

बया भी लाजवाब : बया पक्षी सबसे ज्यादा जोड़े बनाते हैं। नर घोंसला अधूरा छोड़ देता है। बाकी का घोंसला जोड़ा बनने पर दोनों बनाते हैं। मादा बया को अच्छा नर मिल जाता है तो वह पहले वाले को छोड़ देती है।

रिझाते हैं मादा को : राष्ट्रीय पक्षी मोर व गुजरात में पाए जाने वाले खरमोर का जीवन सबसे जुदा होता है। यहां नर अपना जोड़ा बनाने के लिए उछलकूद करके खास आवाज निकालते हुए मादा को रिझाता है। मादा मोर इनकी अदा पर फिदा हो जाती है। मोर की सुंदरता का ही यह असर है कि कई से अधिक मोरनी मोहित रहती हैं।

तलाक भी : अमेरिकन मॉकिंग व‌र्ल्ड व पॉलीएंड्री ऐसी प्रजातियां हैं, जिसमें मादा एक से अधिक नर से संबंध बनाती है। व‌र्ल्ड ऑफ पैराडाइज की भी एक प्रजाति ऐसी ही है। एक से ज्यादा से संबंध ही तलाक की वजह बनते हैं। गलत साथी का चयन या फिर दुर्घटना में घायल होने पर भी नर या मादा पार्टनर बदल लेते हैं। दूसरा नर अगर ज्यादा आकर्षक है तो भी मादा पुराने साथी को छोड़ने में देर नहीं लगाती।

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Tuesday, 4 March 2014

Handcuffs transported in lock up

चोरी के जुर्म में गिरफ्तार एक चोर को जब दोनों हाथों में पुलिस हथकड़ी लगाकर गाड़ी से कोर्ट ले जा रही थी तो रास्ते में मौका देखकर वह भाग निकला।

वह ज्यादा दूर नहीं जा सका क्योंकि हथकड़ी की वजह से उसे हाथों को घुमाने में बहुत दिक्कत हो रही थी। पहले तो उसने इसे खोलने की सारी युक्ति लगाई लेकिन सफल नहीं हुआ। अंत में थक-हारकर हाथों में बढ़ते दर्द से कराहते हुए उसने उसी रात पुलिस को फोन किया। पुलिस जब उसके बताए पते पर पहुंची तो इसके हाथों में हथकड़ी देखकर उसको माजरा समझने में देर नहीं लगी। थोड़ी सख्ती दिखाने पर इसने अपने भागने की सारी कहानी बता डाली। फिलहाल चोर महाशय को जेल पहुंचा दिया गया है लेकिन हथकड़ी हटने के कारण उसको राहत मिल गई है।

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Thursday, 27 February 2014

This car runs at a speed of 435 km per hour

अमेरिकी कंपनी हेनेसी ने 435 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली दुनिया की सबसे तेज रफ्तार कार का निर्माण किया है।

फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर में टेस्ट ड्राइव के दौरान हेनेसी की वेनोम जीटी ने नया रिकॉर्ड बनाया। दुनिया की सबसे तेज रफ्तार कार रिकॉर्ड पहले बुगाटी वेरोन सुपर स्पोर्ट कार के नाम था जो 431 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है। वेनोम जीटी लोटस एक्जी कार से आकार में थोड़ी बड़ी है। 

ड्राइव डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनोम जीटी के ड्राइवर ब्रायर स्मिथ ने शानदार रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि हाई स्पीड के मामले में रिकॉर्ड अब भी बुगाटी के नाम ही रहेगा क्योंकि वेनोम के ड्राइवर ने स्पेस सेंटर की पट्टी पर एक तरफ (वन वे) ही गाड़ी दौडाई थी। रिकॉर्ड के लिए गाड़ी को हवा के अनुकूल और प्रतिकूल दोनों दिशाओं में चलाना जरूरी होता है।

Source: Hindi News

Monday, 24 February 2014

Two kids always live in water

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के डोबरोबासा गांव के दो बच्चे हमेशा पानी में ही रहते हैं। इनकी जिंदगानी पानी है। सोते, उठते, जागते, बस पानी-पानी। लगभग मत्स्य जीवन। पानी से निकाला कि सांसें थमने लगती हैं।

दरअसल, माधो सोय के दोनों बेटे पांच वर्षीय रोहित सोय व तीन वर्षीय मंगल सोय एक्टोडर्मल डिसप्लेसिया बीमारी से पीडि़त हैं। इनके शरीर में पसीने को बाहर निकालने वाली ग्रंथियां नहीं हैं। लिहाजा उनके शरीर का तापमान बहुत ज्यादा रहता है और वे पानी में रहना पसंद करते हैं। पानी से नाता टूटा कि प्राण हलक में आए। फिलहाल दोनों का इलाज रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में चल रहा है। अस्पताल ने बच्चों की बीमारी पर अलग से कक्षाएं चलाने और शोध करने का फैसला किया है। रिम्स में इलाज कर रहे शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके शर्मा ने बताया कि दोनों को एक्टोडर्मल डिसप्लेसिया बीमारी है। यह एक आनुवांशिक रोग है व इसका इलाज संभव नहीं है। यही कारण है कि इससे पीडि़त लोग लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं। पूरे विश्व में इस तरह के मरीजों की संख्या करीब सात हजार है। फिलहाल रिम्स में ही उसका उपचार होगा और उनका स्कीन बायोप्सी के लिए गुरुवार को मुंबई भेजा जाएगा।

बच्चों की मां नागुरी सोय ने बताया कि उनका पहला बेटा रोहित जन्म के बाद हमेशा रोता रहता था। लेकिन शरीर पर पानी की बूंदें पड़ते ही चुप हो जाता था। पहले तो काफी दिनों तक समझ में नहीं आया। लेकिन धीरे-धीरे पता चला कि पानी के बिना रोहित को रहा नहीं जा रहा है। दो साल बाद दूसरे बेटे मंगल का जन्म हुआ। मंगल भी इसी तरह से रोने लगता। इसके बाद दोनों को पानी में रखने का फैसला लिया। इसके बाद से दोनों का स्वास्थ्य दुरुस्त रहने लगा। अब दोनों बच्चे बड़े होने लगे हैं, लेकिन उनके दो-दो दांत ही निकले हैं। दोनों पानी के बिना एक पल भी रह नहीं सकते हैं।

Greed is the root of all evils.

लालच बुरी बला है। इस बात का नमूना यहां एक चोर ने चोरी करने के दौरान पेश किया। हुआ यूं कि 42 वर्षीय यह चोर घर से थोड़ी दूर पर बने बंगले से टीवी चुरा लाया। 

पूरी सतर्कता से इस घटना को अंजाम देने के बाद टीवी को अपने घर में फिट कर देखने लगा। तभी उसे टीवी के साथ रिमोट न होने की कमी खली, जिसे वह जल्दबाजी में वहीं छोड़ आया था। इस समस्या को सुलझाने के लिए थोड़ी देर तक खुद में सोच-विचार किया और वापस जाकर उसी जगह से रिमोट लाना तय किया। 

 लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ गया। वह जैसे ही उस बंगले में रिमोट लेकर भागने लगा, तभी वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे धर लिया। अब महाशय जेल में टीवी के चैनल बदलने के सपने देख रहे हैं।

Robotic termites may one day build houses, not destroy them

हारवर्ड में भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने स्वेच्छा से काम करने वाले रोबोट की एक पूरी सेना तैयार कर ली है। ये रोबोट आपसी समायोजन से बिना किसी मानवीय निगरानी के गगनचुंबी इमारतों से लेकर पिरामिड तक बना सकते हैं।

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इन्हें ठोस ढांचों को खड़ा करने में सक्षम ये रोबोट सामूहिक बुद्धिमत्ता और समायोजन से कार्य करते हैं। इन्हें किसी निगरानी और दिशा-निर्देश देने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस प्रणाली को किसी निगरानी और कैमरे से निगरानी की जरूरत नहीं पड़ती है। उनकी सहूलियत के लिए किसी खास किस्म के वातावरण बनाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। 

हारवर्ड यूनिवर्सिर्टी के वैानिकों ने ये टर्म्स प्रणाली बनाई है। इसके जरिए रोबोट जटिल और तीन आयामों वाले ढांचों को बिना किसी केंद्रीय कमान या निर्देशित नियमों के बाखूबी बना सकते हैं। टर्म्स प्रणाली की मदद से ऊंची इमारतें, महल, पिरामिड फोम ब्रिक से बनाए जा सकते हैं। इस प्रणाली के जरिए इमारत की सामग्री के जरिए खुद ब खुद ऐसी सीढि़यां बनाई जाती हैं। जिससे गुजरकर ये रोबोट ऊंचे स्थानों तक पहुंचते हैं और उस पर जरूरत के हिसाब से ईंटें जमाते जाते हैं। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में ऐसे रोबोट बाढ़ आने पर पानी रोकने के लिए बालू की बोरियां लगाने से लेकर मंगल ग्रह पर निर्माण कार्य में भी बखूबी भाग ले सकते हैं।

इस प्रणाली की सबसे अच्छी बात ये है कि जटिल से जटिल कार्य को सामूहिक रूप से ये रोबोट बिना किसी देखरेख के अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में जहां इंसान की हदें खत्म होती हैं वहां भी इन रोबोट से बेहतरीन काम लिया जा सकता है। इन रोबोट को काम कराने के लिए माहौल या वातावरण को बदलने की भी जरूरत नहीं है। जैसे बाढ़ में बचाने वालों के भी जीवन का ख्याल रखना होता है। मंगल ग्रह पर इंसान को भेजने के लिए वहां के वातावरण के अनुकूल ही माहौल बनाना होगा। पर इन रोबोट के लिए ये सीमाएं नहीं हैं। इस प्रोजेक्ट की मुख्य जांचकर्ता हारवर्ड में इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की प्रोफेसर राधिका नागपाल और फ्रेड कावली हैं। प्रत्येक रोबोट बिल्डिंग बनाने की इस प्रक्त्रिया में दूसरे रोबोट के समानान्तर काम करता है। 

लेकिन उसे ये नहीं पता होता कि उसी वक्त यही काम और कौन कर रहा है। ऐसे में अगर कोई एक रोबोट टूट गया या काम से हट गया तो इससे दूसरे रोबोट पर असर नहीं पड़ता और वह अपना काम करता रहता है। यानी इस प्रणाली के जरिए एक निर्देश पांच रोबोट या पांच हजार रोबोट को एक साथ दिया जा सकता है। टर्म्स प्रणाली मापने, वितरण प्रणाली और आर्टीफियल इंटेलिजेंस का बेजोड़ नमूना है। नागपाल के इस स्वनियंत्रित प्रणाली अनुसंधान को एलगारिथम के हिसाब से तैयार किया गया है। जिसमें रोबोट का एक समूह एक कालोनी की तरह काम करता है। सभी रोबोट एक समूह में एक इकाई की तरह उच्च स्तरीय काम करते हैं।

Source: Hindi News

Friday, 7 February 2014

Lets walk and charge our mobile phones

आप एक किलोमीटर पैदल चलकर इतनी ऊर्जा पैदा कर सकते हैं जिससे आप अपना मोबाइल या लैपटॉप तक चार्ज कर सकते हैं। जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित इंडियन साइंस कांग्रेस के दौरान चिल्ड्रन साइंस सेक्शन में पहुंचे ओडिशा के आठवीं कक्षा के छात्र सुभ्रांशु बनर्जी ने एक ऐसे उपकरण को प्रदर्शित किया जिसका फायदा मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिल सकता है। 

सुभ्रांशुने अपने आविष्कार से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भी खासा प्रभावित किया और उन्होंने सुभ्रांशु की सराहना की। भुवनेश्वर में ओडीएम पब्लिक स्कूल के छात्र सुभ्रांशु ने बताया कि यह एक ऐसा उपकरण है जो एक किलोमीटर पैदल चलने पर चार्ज हो जाता है जिसमें इतनी एनर्जी होती है कि इससे मोबाइल या लैपटाप की बैटरी को चार्ज किया जा सकता है। 

सुभ्रांशु ने कहा कि आज कल हर किसी के पास मोबाइल फोन है। सुभ्रांशु के कार्य के लिए विवि के वीसी प्रो. मोहन पाल सिंह ईशर ने भी उसे मुबारकबाद दी। 

Source: Hindi News

Thursday, 23 January 2014

Pet Parrot Snitches On His Drunk Driving Owner At Cop Checkpoint

 
मेक्सिको सिटी। गाड़ी चलाते हुए शराब पीना अपराध है, यह बात मालूम होने के बाद भी अक्सर लोग चोरी छिपे दो पैग मार ही लेते हैं। लेकिन यहां एक व्यक्ति की पोल उसके ही पालतू तोते ने खोल दी और पुलिस को इस बात की खबर भी कर दी। हुआ यूं कि यह व्यक्ति अपने तोते के साथ लांग ड्राइव पर निकला। रास्ते में सफर का भरपूर आनंद लेने के लिए उसने शराब खरीदी और पीने लगा। थोड़ी दूर चौराहे पर मौजूद पुलिस से बचने के लिए उसने शराब की बोतल सीट के नीचे छिपा दी। लेकिन तभी उसके साथ गाड़ी में मौजूद तोते ने चिल्लाना शुरू कर दिया। 

तोते की आवाज सुन पुलिस हरकत में आ गई। उसे रोककर तलाशी ली गई। फिर क्या था, सारी पोल खुल गई और उसे जुर्माना भरना पड़ गया। 

Source: Hindi News